ब्रिक्स का अब तक का सबसे बड़ा 20वाँ सम्मेलन
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ब्रिक्स का अब तक का सबसे बड़ा 20वाँ सम्मेलन
(डॉ प्रदीपसिंह राव,वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक विश्लेषक)
Update24x.in:-
रतलाम। भारत में ब्रिक्स का महा सम्मेलन समूचे विश्व के लिए कौतूहल का विषय है।आज विश्व में ईरान अमेरिका और रूस यूक्रेन युद्ध के कारण आर्थिक संकट से घिर गया है।वैश्विक ऊर्जा संकट ने दुनिया के अधिकांश देशों को तोड़ कर रख दिया है।इतने नाजुक समय में ब्रिक्स सम्मेलन का भारत में आयोजन एक शांति,सहयोग की आशा का मंच बन गया है।
अब कई देश हुए शामिल:-

इसका उद्देश्य दुनिया की उभरती अर्थ व्यवस्थाओं को संगठित करना।पहले ब्राजील,रस,भारत, चीन चार देश शामिल थे,तब brics ( ब्रिक्स)नाम पड़ा था। बाद में दक्षिण अफ्रीका और कालांतर में संयुक्त अरब अमीरात अरब,मिस्र,ईरान,इथोपिया,इंडोनेशिया शामिल हुए।भारत इस मंच से सभी देशों को संदेश दे रहा है कि भारत युद्ध का नहीं बुद्ध का देश है।
समझौते की राह सबसे बड़ी:-

रूस और ईरान के राष्ट्र प्रमुखों से प्रधान मंत्री यही आग्रह करेंगे कि ब्रिक्स के आर्थिक व्यापारिक उद्देश्य को शांति और समझौते की राह से ही सार्थकता मिल सकेगी। रूस से सैन्य व्यापार और ऊर्जा के क्षेत्र में इस सम्मेलन से भारत को बड़ा लाभ होगा।चीन से व्यापार घाटा कम करना और नई दिशा में बहुआयामी व्यापार संधियाँ होंगी।
भारत आतंकवाद का मुद्दा उठाएग:-

भारत आतंकवाद के मुद्दे को सार्वभौमिक रूप से उठाएगा ताकि किसी भी देश का विकास मार्ग अवरुद्ध न हो। विश्व के समुद्री रास्तों में तनाव को कम करके मुक्त व्यापार भी चिंता का विषय है।द्विपक्षीय व्यापार समझौते में रूस,चीन , संयुक अरब अमीरात ,दक्षिण अफ्रीका आदि देश अच्छे से जानते हैं कि भारत के पास बहुत बड़ा बाजार है।
भारत संभावनाओं का देश:-

भारत टनल,सुरक्षा संसाधनों आदि के क्षेत्र में भी आगे आया है।सैकड़ों बिजनेस लीडर भारत के व्यापार मेले को देखने आए हैं। दुनिया को विश्वास है कि भारत संभावनाओं का महादेश है।