इंदौर में गिद्ध गणना:सर्व जन हिताय सर्व जन सुखाय डॉ. तेज प्रकाश पूर्णानन्द व्यास
latestnews--hindi-samachar-ratlamnews-390
इंदौर में गिद्ध गणना:सर्व जन हिताय सर्व जन सुखाय
डॉ. तेज प्रकाश पूर्णानन्द व्यास
Update24x.in:-
रतलाम/ इंदौर। प्रकृति का 'पारिस्थितिकी तंत्र' (Ecosystem) कितना संवेदनशील है। गिद्धों को प्रकृति का 'सफाई कर्मी' (Nature's Scavengers) कहना उनके योगदान को कम करके आंकना होगा; वे वास्तव में 'मृत्यु के शोधक' हैं।
इंदौर और संपूर्ण भारत में गिद्धों की गणना तथा उनके संरक्षण की यह गाथा अत्यंत प्रेरणादायक है:
- 1. इंदौर में गिद्ध गणना: एक विशेष अभियान
इंदौर का 'रालामंडल अभयारण्य' और इसके आसपास के क्षेत्र (जैसे चोरल और मानपुर) गिद्धों के प्राकृतिक आवास रहे हैं। इंदौर में विशेष गणना इसलिए की जाती है क्योंकि यहाँ 'भारतीय गिद्ध' (Indian Vulture) और 'सफ़ेद पीठ वाले गिद्ध' (White-rumped Vulture) की बस्तियाँ पाई गई हैं।
उद्देश्य: स्थानीय स्तर पर उनकी प्रजनन दर और भोजन की उपलब्धता का सटीक डेटा प्राप्त करना।
प्रक्रिया: वन विभाग और पक्षी विशेषज्ञों की टोलियाँ 'Direct Sighting' (प्रत्यक्ष दर्शन) विधि का उपयोग करती हैं।
2. अखिल भारतीय परिदृश्य (Is it Nationwide?)
जी हाँ, यह केवल इंदौर तक सीमित नहीं है। भारत सरकार के 'बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी' (BNHS) और वन मंत्रालयों के समन्वय से देशव्यापी गिद्ध गणना की जाती है।
गिद्धों का संकट: 90 के दशक में 'डाइक्लोफेनाक' (Diclofenac) नामक औषधि के कारण गिद्धों की संख्या में 99% की गिरावट आई थी।
राष्ट्रीय कार्ययोजना: अब हरियाणा (पिंजौर), मध्य प्रदेश, असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में 'गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र' स्थापित किए गए हैं।
3. इंदौर के प्रकृतिविद TNV (The Nature Volunteers) की गौरवशाली भूमिका
इंदौर में गिद्धों के संरक्षण का उल्लेख 'TNV' के बिना अधूरा है। The Nature Volunteers (TNV) एक ऐसा समर्पित संगठन है जिसने प्रकृति और वन्यजीवों के बीच एक सेतु का कार्य किया है।
जन-भागीदारी: TNV ने गणना (Census) को केवल सरकारी कार्य न रहने देकर उसे एक 'नागरिक विज्ञान' (Citizen Science) का रूप दिया।
निगरानी और सुरक्षा: इन्होंने गिद्धों के घोंसलों की सुरक्षा और उनके पर्यावास के विनाश को रोकने के लिए अथक प्रयास किए हैं।
चेतना जागृति: मानव बस्तियों के पास मृत पशुओं के निपटान के सही तरीकों के बारे में जागरूकता फैलाने में TNV की भूमिका अग्रणी रही है।
गिद्ध: 'महामारी' के विरुद्ध प्रकृति की ढाल
हैं, गिद्ध केवल मृत शरीर नहीं खाते, बल्कि वे संक्रामक रोगों के चक्र को तोड़ते हैं।
अद्वितीय पाचन तंत्र: गिद्धों के पेट में पाए जाने वाले अत्यधिक शक्तिशाली अम्ल (Gastric Acids) 'एंथ्रेक्स', 'हैजा' और 'रेबीज' जैसे घातक जीवाणुओं को नष्ट कर देते हैं।
संक्रमण का अवरोध: यदि गिद्ध न हों, तो ये सड़े हुए शव कुत्तों और चूहों द्वारा खाए जाते हैं, जो मनुष्य के संपर्क में आकर प्लेग या रेबीज जैसी महामारियों का कारण बनते हैं।
संदेश
जब एंटी-एजिंग और जीवन की दीर्घायु पर शोध करते हैं, तो गिद्धों का संरक्षण अप्रत्यक्ष रूप से 'मानवीय स्वास्थ्य की सुरक्षा' का ही एक अध्याय है। एक प्रजाति का लुप्त होना पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य को रुग्ण कर देता है।
जब आकाश का स्वच्छंद राजा, 'गिद्ध', आधुनिक अभियांत्रिकी के शिखर, 'विमान' से टकराता है, तो यह केवल दो पिंडों का मिलन नहीं, बल्कि प्रकृति और तकनीक के मध्य एक भीषण संघर्ष होता है।
इस घटना के परिणाम अत्यंत गंभीर और विस्मयकारी हो सकते हैं:
1. गतिज ऊर्जा का तांडव (The Impact)
भौतिक विज्ञान के दृष्टिकोण से, विमान की तीव्र गति और गिद्ध का भार मिलकर एक प्रचंड प्रहार (Kinetic Impact) उत्पन्न करते हैं। यदि विमान 800 किमी/घंटा की गति से उड़ रहा हो, तो एक छोटा सा पक्षी भी किसी भारी तोप के गोले के समान शक्ति से टकराता है।
2. इंजनों का अंतर्नाद (Engine Ingestion)
यदि गिद्ध विमान के जेट इंजन में समा जाए, तो इसे 'Bird Ingestion' कहा जाता है। गिद्ध के विशाल शरीर से इंजन के कोमल 'टर्बाइन ब्लेड्स' टूट सकते हैं, जिससे इंजन में भीषण विस्फोट हो सकता है या वह तत्काल कार्य करना बंद कर सकता है। यह स्थिति विमान के लिए अत्यंत संकटपूर्ण होती है।
3. संरचनात्मक क्षति (Structural Damage)
गिद्ध का आघात विमान के मुख (Radome), पंखों (Wings) या पायलट के सामने वाले कांच (Windshield) को चकनाचूर कर सकता है। कांच के टूटने से विमान के भीतर वायुदाब का संतुलन बिगड़ सकता है, जो यात्रियों और चालक दल के लिए प्राणघातक सिद्ध हो सकता है।
4. आपातकालीन परिणति (Emergency Landing)
ऐसी परिस्थिति में विमान के चालक दल (Pilots) को अत्यंत धैर्य और कौशल का परिचय देना पड़ता है। यदि इंजन विफल हो जाए, तो आपातकालीन लैंडिंग ही एकमात्र विकल्प शेष रह जाता है, ताकि विमान में सवार अमूल्य जीवन को सुरक्षित किया जा सके।
इस बात की गहराई को समझेंगे कि कैसे F = \frac{1}{2}mv^2 का यह सरल सूत्र आसमान में एक विनाशकारी क्षण की पटकथा लिख सकता है। विमानन क्षेत्र में पक्षियों से सुरक्षा के उपाय (Bird Strike Mitigation) विमानों की 'आयु' और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।