वार्ता असफल,अब क्या होगा कल(डॉ प्रदीपसिंह राव, वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक विश्लेषक)।
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वार्ता असफल,अब क्या होगा कल(डॉ प्रदीपसिंह राव, वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक विश्लेषक)।
Update24x.in:-
रतलाम। अमेरिका- ईरान के बीच कई तकरार के बाद इकरार की मेज पर ,1979/80, के लम्बे अंतराल के बाद बैठे थे। उस समय ईरानी क्रांति के समय शाह मोहम्मद रजा पहलवी को अमेरिका में जिमी कार्टर ने इलाज के लिए पनाह तो दी लेकिन ईरान में अयातुल्ला खोमैनी को सत्ता मिल गई। शाह पर मुकदमे और सजा के लिए ईरान भेजा गया तो छात्रों ने अमेरिकी राजनयिकों को बंधक बना लिया था।तब भारी तनाव हुआ था।अंततः आमने- सामने की वार्ता के बाद सुलह हुई थी।
पुराने दुश्मन हैं ईरान अमेरिका:-

तब से दोनों देशों के बीच राजनयिक सम्बन्ध टूट गए थे। कई दशकों बाद यह आमने- सामने की बात ही ,युद्ध की मिसाइलों ,लड़ाकू विमानों और ड्रोन के हमलों से तो अच्छी पहल थी। ईरान की शर्त है कि लेबनान पर इज़राइल के हमले रुकवाएं,और युद्ध क्षति का मुआवजा दिया जाय। ,हॉर्मूज पर ईरान का नियंत्रण बना रहे, परमाणु कार्यक्रम कायम रखेंगे,और ईरान की100मिलियन डॉलर की राशि (फ्रिज संपत्ति) को मुक्त किया जाए!!!
अनेक ईरानी शर्तों की उलझनों के बीच वार्ता:-
अमरीकी उपराष्ट्रपति वेंस और प्रतिनिधि मंडल , कुशनर ,वेंटकॉफ शामिल हैं,उधर ईरान के आराध्ची, ग़ालीबाफ आदि शामिल हुए ,लंबी चर्चा भी हुई। ईरान यह बोला, ट्रंप ये बोले,इजरायल पर ट्रंप ने दबाव डाला ।इस तरह की कई ब्रेकिंग खबरें ईरान,अमेरिका और दुनिया भर के मीडिया में दिन भर सुर्खियों में रही है।
मीडिया ने बे सिर पैर की बहस कर चैनल की लोकप्रियता का ध्यान रखा,चर्चा की गम्भीरता का नहीं:-
शांति की उम्मीद में बैठी पूरी दुनिया की नजर इस्लामाबाद पर लगी हुई थी।।हॉर्मूज जलडमरू मध्य में बिछी बारूदी सुरंग,कहां कहां है ,यह ईरान को ही न मालूम, माइंस को हटाए जाने की शुरुआत हो गई है,अमरीकी विशेषज्ञ मुआयना कर रहे हैं। कई बातें कूटनीतिक रूप से अभी भी अंडर ग्राउंड चल रही हैं। यह शांति वार्ता जारी रही तो आने वाले दिनों में किसी न किसी समाधान की ओर जरूर पहुंचेगी। एक बात जरूर है कि दुनिया भर के मीडिया जिसमें भारत भी शामिल है,,, टीवी पर बे सिर पैर की बहस हो रही हैं।युद्ध,तनाव और उलझन भरी स्थित के लिए मीडिया भी एक हद तक जिम्मेदार हो जाता है। निष्णात बुद्धजीवी अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की बहुत कमी है।इस समय बहुत नाजुक स्थित है,इसे समझ कर ही अपने विचार अभिव्यक्त करना चाहिए।अभी तो इनफर्मेशन वार जोरों पर चल रहा है।
बे नतीजा वार्ता फिलहाल समाप्त,उपराष्ट्रपति समझौते का अंतिम ड्राफ्ट दे कर गए:-
वार्ता दिन भर चली और इधर रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने कहा कि 21घंटे की लंबी बातचीत हुई।अभी कोई परिणाम नहीं आया है।बातचीत अच्छी हुई है,हमने ईरान को परमाणु कार्यक्रम को ले कर प्रस्ताव रखा है,उसे सभी प्रकार के परमाणु कार्यक्रम को रोकना होगा और यूरेनियम, संवर्धन को नष्ट करना होगा,जो अंतिम प्रस्ताव रहेगा । हॉर्मूज को लेकर भी अब तक कोई समझौता नहीं हुआ।कई मुद्दे सार्वजनिक हुए हैं,लेकिन कई अभी भी गोपनीय रखे हुए हैं।यदि ईरान आगे शांति चाहता है,तो उसे अपना मंतव्य स्पष्ट करना ही होगा।वार्ता आगे जारी रहेगी,या फिर मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया में फिर भयंकर युद्ध शुरू होगा।
ईरान पर फूटेगा अब युद्ध का ठीकरा:-
युद्ध का ठीकरा अब ईरान पर ही फूटेगा। इससे इजरायल को फिर मौका मिल जाएगा हिजबुल्ला को नष्ट करने का।चीन और रूस को अपनी भूमिका सशक्तता के साथ निभाते हुए ईरान को समझाना होगा कि अभी नहीं,तो कभी नहीं।ईरान अपने शासक प्रमुख को बदलेगा नहीं,परमाणु कार्यक्रम नियंत्रित कर सकता है। लेकिन होमरूज उसका सबसे बड़ा सुरक्षित हथियार है।मामला बेहद पेचीदा हो गया है।ईरान का बयान सामने आया है कि अमेरिका को वार्ता छोड़ने का बहाना चाहिए था।आई आर जी सी ने अमेरिका को नीछ ,दुष्ट, बेईमान बताया है।,,ट्रंप विचार मंथन कर रहे हैं, वे गरजेंगे या बरसेंगे,दुनिया प्रतीक्षा मे है।