यह सिर्फ पुस्तक नहीं कर्म ग्रन्थ है:काश्यप
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यह सिर्फ पुस्तक नहीं कर्म ग्रन्थ है:काश्यप
(परमार्थ के पथिक का हुआ लोकार्पण)
Update24x.in:-
रतलाम।"पिछले चार दशकों से कैंसर की रोकथाम के लिए समर्पित अशोक अग्रवाल ने असाध्य सेवा की है उसके लिए यह 'परमार्थ के पथिक' का सम्मान है।यह सिर्फ एक आत्मकथा या पुस्तक नहीं बल्कि पीड़ित मानवता को कैंसर के कारण और निवारण की दिशा देने वाला"कर्म ग्रन्थ"है। समाज के चिंतकों को इस तरह के सार्थक प्रयास करना चाहिए।"केबिनेट मंत्री सुक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय मध्य प्रदेश शासन श्री काश्यप ने अशोक अग्रवाल के कार्यों की और डॉ प्रदीपसिंह राव के पुस्तक संपादन की प्रशंसा करते हुए कहा कि' मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यों में कैंसर उपचार और निदान प्राथमिक सूची में है।आधुनिक कैंसर उपचार के उपकरणों वाली चलित चिकित्सा वैन उपलब्ध करवाने में सहयोग के लिए वे तत्पर हैं।

" पद्मश्री डॉ लीला जोशी ने पुस्तक को समाज के लिए बहुपयोगी बताया।उन्होंने अशोक अग्रवाल और उनकी टीम को ग्रामीण अंचलों, गरीब लोगों के बीच तंबाकू मुक्ति और कैंसर की रोकथाम अभियान को जमीनी स्तर पर ले जाने का सुझाव दिया। 2029 तक मध्यप्रदेश के नशामुक्ति अभियान की दिशा में यह पुस्तक रतलाम की उत्कृष्ट पहल सिद्ध होगी। विशेष अतिथि, कैंसर विशेषज्ञ(इंदौर) डॉ एस एस नैयर ने कहा कि "अशोक अग्रवाल को मैं कई वर्षों से देख रहा हूं वो कभी थकते नहीं और सतत कैंसर रोकथाम , तंबाकू निषेध अभियान में लगे रहते हैं। हम इंदौर वाले भी पीछे रह गए।पूरे प्रदेश में रतलाम इन कार्यों में अग्रणी है।इस दिशा में यह पुस्तक मील का पत्थर साबित होगी।
"अशोक अग्रवाल ने कहा कि मैने अपने परिवार में मां,भाई,ससुर सहित चार पांच परिजनों को कैंसर में खोया।उनकी प्रेरणा ने मुझे इस कार्य में समर्पित भाव से जूझने की हिम्मत दी।नशा मुक्ति , कैंसर की रोकथाम की जागरूकता के लिए गली गली घूमता हूं।सैकड़ों रोगियों को हिम्मत दी है,हर संभव मदद की है।जब तक जीवित हूं आप सबके संबल से यह परमार्थ करता रहूंगा।यदि डॉ राव प्रेरित नहीं करते तो यह पुस्तक कभी प्रकाशित न करवा पाता।

"स्वागत भाषण में संपादक डॉ प्रदीपसिंह राव ने बताया कि "1995 में,रतलाम रेलवे प्लेटफार्म को तम्बाकू मुक्त करवाना और फिर उसी मॉडल पर 25 जून 1995को पूरे भारत की रेलों, और प्लेटफार्म को तम्बाकू मुक्त करवाने का श्रेय अशोक अग्रवाल को है। ये बिना प्रचार के असाधारण कार्य करने वाले साधारण कर्म योद्धा हैँ।डेढ़ वर्षों तक अथक परिश्रम के बाद बिना किसी से आर्थिक मदद लिए यह पुस्तक प्रकाशित हुई है।इसके लोकार्पण में नगर के बड़ी संख्या में गणमान्यों का उपस्थित होना इस पुनीत कार्य की सार्थकता है।
स्वागत गीत और वंदना करिश्मा जैन,श्वेता कटारिया और श्रीमती व्यास ने प्रस्तुत की।संचालन डॉ रविंद्र उपाध्याय ने किया आभार गोविंद कांकाणी ने माना । आयोजकों और बालाजी समूह के प्रमुख कमलेश अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया
पुस्तक लोकार्पण के साथ अशोक अग्रवाल का बहुमान किया गया।प्रकाशक निरीश ने संपादक डॉ राव का सम्मान किया ।

इस अवसर पर इंदौर से आए डॉ दिलीप मण्डलोई, डॉ दीप व्यास,डॉ भार्गव, डॉ दाहिमा, डॉ . मुरली अग्रवाल,डॉ.लोकेंद्र राठौर, डॉ . नालगे, अनिल झालानी, श्रीमती महेश मौर्य,, डॉ अभिषेक, डॉ निमिषा डॉ रजनी, डॉ अंकिता ,डॉ मुरलीधर चांदनी वाला, ऋषि कुमार शर्मा,राकेश पोरवाल,नीरज शुक्ला,बजरंग पुरोहित, दिनेश शर्मा,ओम प्रकाश मिश्र, कैलाश व्यास, आशीष दशोत्तर,सुभाष जैन,नरेंद्र पंवार,रत्नेश विजय वर्गीय,नरेंद्र सिंह राठौर,डॉ कुशलसिंह पुरोहित,धमचक मुल्तानी,लक्ष्मण पाठक,भगत भदौरिया,देवश्री पुरोहित,भावना गुर्जर,शीतल पांचाल,श्री एवं श्रीमती वार्ड, राजेंद्र पोरवाल,जोस चाको,सुनील शर्मा, ब्रह्मा कुमारी मनोरमा, सीमा दीदी , डॉ गीता दुबे, श्वेता विनचुरकर,भुवनेश पंडित, पार्षद शबाना खालिक,शेरू पठान,बिपिन भाई,अजीत छाबड़ा ,पद्माकर पागे , बगदी राम,दीपक राज पुरोहित,श्री श्रीमती अमिता अय्यर,कांतिलाल राठौर,विशाल वर्मा एवं जी टी बी,मॉर्निंग स्टार,सेंट जोसफ स्कूल के युवा विद्यार्थियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए।