इंदौर, उज्जैन एवं डॉ. अम्बेडकर नगर की ऐतिहासिक सफलता के बाद रतलाम में चतुर्थ चरण के रूप में “हमारी सवारी–भरोसे वाली” एवं “पटरी की पाठशाला” अभियानों का भव्य शुभारंभ —
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इंदौर, उज्जैन एवं डॉ. अम्बेडकर नगर की ऐतिहासिक सफलता के बाद रतलाम में चतुर्थ चरण के रूप में “हमारी सवारी–भरोसे वाली” एवं “पटरी की पाठशाला” अभियानों का भव्य शुभारंभ —
जनसहभागिता, तकनीकी नवाचार एवं पुलिस–जनविश्वास का सशक्त उदाहरण
Update24x.in :-
रतलाम। रेल यात्रियों की सुरक्षा, तकनीकी पारदर्शिता एवं सामाजिक जागरूकता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने वाले शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) इंदौर के बहुचर्चित एवं जनोपयोगी अभियानों— “हमारी सवारी–भरोसे वाली” तथा “पटरी की पाठशाला” का चतुर्थ चरण आज जीआरपी थाना रतलाम (रेलवे स्टेशन रतलाम) में अत्यंत गरिमामय एवं प्रेरक वातावरण में सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया।
इंदौर, उज्जैन एवं डॉ. अम्बेडकर नगर में इन अभियानों को मिली अभूतपूर्व सफलता, व्यापक जनसमर्थन एवं सकारात्मक मीडिया प्रतिक्रिया के पश्चात रतलाम में आयोजित यह कार्यक्रम रेलवे सुरक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया।
कार्यक्रम के अतिथि :-
कार्यक्रम का शुभारंभ अश्वनी कुमार, मंडल रेल प्रबंधक, पश्चिम रेलवे, रतलाम मंडल द्वारा किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में निमिष अग्रवाल, उप पुलिस महानिरीक्षक, रतलाम की गरिमामय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में रामराज मीणा, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त एवं श्रीमती हीना केवल रमानी, सीनियर डीसीएम, रतलाम विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे।
यह आयोजन पुलिस अधीक्षक रेल, इंदौर पद्मविलोचन शुक्ल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिन्होंने इसे जनसहभागिता एवं तकनीक आधारित रेलवे सुरक्षा का प्रभावी मॉडल बताया।
???? “हमारी सवारी–भरोसे वाली” — सुरक्षित यात्रा की तकनीकी गारंटी
कार्यक्रम के दौरान QR कोड आधारित सत्यापित ऑटो/रिक्शा व्यवस्था का लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया, जिसमें यात्रियों को बताया गया कि एक ही स्कैन में—चालक का नाम, वाहन विवरण, मोबाइल नंबर, फोटो, पुलिस सत्यापन की स्थिति स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होती है।
यात्रियों एवं ऑटो चालकों ने इस पहल को सुरक्षित, पारदर्शी एवं समयानुकूल नवाचार बताया।
ऑटो चालकों को दस्तावेज अद्यतन रखने एवं QR प्रणाली से अनिवार्य रूप से जुड़ने के निर्देश भी दिए गए।
???? “पटरी की पाठशाला” — बच्चों और समाज को मिला सुरक्षा का पाठ
“पटरी की पाठशाला” अभियान के अंतर्गत बच्चों, महिलाओं, रेल यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों को सरल भाषा में महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया— रेलवे ट्रैक सुरक्षा एवं नियम मोबाइल फोन के प्रयोग से होने वाले खतरे, साइबर अपराध से बचाव एवं हेल्पलाइन 1930, महिला सुरक्षा एवं आत्मरक्षा, नशामुक्ति का संदेश
अतिथियों के प्रेरक विचार :-
“रेलवे सुरक्षा तभी सशक्त होती है जब प्रशासन, पुलिस और नागरिक मिलकर जिम्मेदारी निभाएँ। यह अभियान उसी समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।”
अश्वनी कुमार, मंडल रेल प्रबंधक —
“जीआरपी द्वारा प्रारंभ किए गए ये अभियान रेलवे सुरक्षा में जनभागीदारी और तकनीकी नवाचार की दिशा में मील का पत्थर हैं।”
निमिष अग्रवाल, उप पुलिस महानिरीक्षक —
“इंदौर, उज्जैन और डॉ. अम्बेडकर नगर में मिले सकारात्मक परिणामों के बाद रतलाम में यह चतुर्थ चरण रेलवे सुरक्षा को और अधिक मजबूत करेगा। यह जनसहयोग आधारित मॉडल पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।”
पुलिस अधीक्षक रेल, इंदौर श्री पद्मविलोचन शुक्ल —
ये रहे मौजूद :-
कार्यक्रम में शासकीय रेलवे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, न्यू आदर्श पब्लिक स्कूल, गांधी पब्लिक स्कूल, एकीकृत आदर्श माध्यमिक विद्यालय, डोसी गांव रतलाम
के छात्र–छात्राएँ, शिक्षक एवं उनके परिजन रत्नपुरी वेलफेयर सोसायटी (NGO),पटरी के आसपास की बस्तियों के बच्चे एवं उनके परिजन,रेलवे रक्षा समिति सदस्य,ऑटो चालक, कूली, रेलवे, आरपीएफ, जीआरपी एवं जिला पुलिस रतलाम के अधिकारी–कर्मचारी,
तथा मीडिया प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
विश्वास, सहभागिता एवं सुरक्षा के संकल्प के साथ आयोजित यह कार्यक्रम जनसहयोग, तकनीकी नवाचार और पुलिस–जनविश्वास का सशक्त उदाहरण बना।
उपस्थित नागरिकों ने इसे—
“रेलवे सुरक्षा में ऐतिहासिक पहल”,
“तकनीक आधारित भरोसेमंद मॉडल”
तथा “पुलिस–जनसहयोग की उत्कृष्ट मिसाल” बताया।