अशांति के चालीस दिनों  के  बीच शांति का  अल्प विराम!!(डॉ प्रदीपसिंह राव, वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक विश्लेषक)  

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अशांति के चालीस दिनों  के  बीच शांति का  अल्प विराम!!(डॉ प्रदीपसिंह राव, वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक विश्लेषक)  

अशांति के चालीस दिनों  के  बीच शांति का  अल्प विराम!!(डॉ प्रदीपसिंह राव, वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक विश्लेषक)  

Update24x.in:-

 रतलाम। 8अप्रैल के ब्रह्ममुहर्त में दुनिया को शांति की सबसे बड़ी खबर ने राहत की सांस दी कि ईरान अमरीका के बीच दो सप्ताह का युद्ध विराम हो गया है।ईरान प्रमुख अयातुल्लाह खोमैनी की मौत के चालीसवें दिन मिली। इस खबर से ईरान का कलेजा ठंडा पड़ गया है। डोनाल्ड ट्रंप जो ईरान को आज पाषाण युग में पहुंचा रहे थे,उनका बयान था कि आज दुनिया के लिए सबसे बड़ी  शांति का दिन है।  

  चीन की पहल पर हुआ है सीज फायर :-

    ईरान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार चीन शुरू से ही न चाहता था कि ईरान की दुर्गति हो और उसका तेल व्यापार  ठप्प हो जाये,इसलिए पहले ही दिन से उसने कूटनीतिक प्रयासों से ईरान को समझाया और पाकिस्तान के माध्यम से ईरान से सीधी बात की,उधर अमेरिका से भी बातचीत के लिए पाकिस्तान को मध्यम बनाया।यह अचरज भरा है,लेकिन रातों रात पाकिस्तान को मध्यस्थ बनाने से, पुरे विश्व  की नजरों में  गर्त में जाता हुआ ये देश  एक बार फिर दक्षिण एशिया का महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला देश बन गया है।इस्लामाबाद में आगामी 10अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता शुरू होगी।

कौन कौन भागीदारी करेगा वार्ता में:-

  विश्वसनीय सूत्रों से बताया जा रहा है कि अमेरिका और से,ओमान वार्ता में प्रमुख भूमिका निभाने वाले स्टीव विट कौफ, जोरेड कुशनेर और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भाग लेंगे,ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास और शीर्ष अधिकारी भाग लेंगे। मध्यस्थता पाक  प्रधान मंत्री शाहबाज शरीफ  ओर सेना प्रमुख आसिफ मुनीर करेंगे।वार्ता दोनो देशों के प्रस्तावित मुद्दों पर चलेगी।  

  दोनो देशों ने रखे संभावित प्रस्ताव:

ईरान ने 10सूत्र रखे हैं

1. अमेरिका गारंटी दे कि  अब युद्ध न करेगा।

2. हॉर्मूज जलडमरू मध्य पर ईरान का नियंत्रण रहेगा।

3.यूरेनियम संवर्धन को शांतिपूर्ण , रचनात्मक कार्यों के लिए अनुमति देगा।

4.सभी प्रकार के आर्थिक,प्राथमिक प्रतिबंधों को हटाएगा।

5. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और परमाणु एजेंसी के सभी प्रस्ताव समाप्त करेगा।

6.ईरान को हुए भारी नुकसान के मुआवजे का भुगतान करेगा।

7.इस क्षेत्र से लड़ाकू विमानों की वापसी।

.8 इजरायल लेबनान में युद्ध रोकेगा।

9.सीज फायर में किसी भी देश ने गलती की तो ईरान उसे नहीं छोड़ेगा।

10.युद्ध विराम की बैठक में कोई दबाव न होगा और आपसी सहमति से वार्ता होगी।  

    ट्रंप का उदारता पूर्ण आश्वासन  :-

इस युद्ध विराम के बाद ट्रंप ने ईरान को शांति वार्ता के कदम के लिए बधाई दी है और उसकी  कुछ शर्तों  को मानते हुए कहा की ईरान और मध्यपूर्व के लिए यह  स्वर्ण युग की शुरुआत होगी। ईरान अपने पुनर्निर्माण में लग जाए और अमेरिका इसमें भरपूर सहयोग करेगा।हॉर्मूज से जहाजों की आवाजाही में भी अमेरिका पर सहयोग देगा।ईरान खूब पैसा कमाए और खाड़ी देशों तथा दुनियांकी समृद्धि में सहयोग करे।  

  सीज फायर का सकारात्मक असर :-

ईरान में शांति का जश्न मन रहा है और पूरी दुनिया में तेल के दाम एकदम गिर हुए है।डॉलर की तुलना में रुपया मजबूत हुआ है।आधी दुनिया शांति का सुकून आभास कर रही है।यह बोलना कि इस युद्ध में कौन जीता कौन हारा यह जल्दबाजी होगी।महाशक्ति के रूप में अमेरिका ने अपना दबदबा कायम रखा है,वहीं साहसिक जज्बे के रूप में ईरान ने बेजोड़ प्रदर्शन कर बता दिया कि वह किसी से कम नहीं है।आगे नाटो देशों सहित नए  ध्रुवीकरण को ले कर   घटनाक्रम सामने आयेंगे।