लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, वेब वर्ल्ड रिकॉर्ड में राष्ट्र संत श्री हरिराम शास्त्री महाराज का नाम चयनि
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लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, वेब वर्ल्ड रिकॉर्ड में राष्ट्र संत श्री हरिराम शास्त्री महाराज का नाम चयनित
संन्यास स्वर्ण जयंती वर्ष पर विश्वस्तरीय सम्मान
Update24x.in:-
रतलाम। अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय, शाहपुरा पीठ, बड़ा रामद्वारा जोधपुर के महंत एवं प्रखर ओजस्वी वक्ता राष्ट्र संत परम् पूज्य श्री हरिराम जी शास्त्री महाराज का नाम लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड व वेब वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए चयनित किया गया है।
यह जानकारी देते हुए रिकॉर्ड के जूरी मेंबर

शैलेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि पूज्य महाराज श्री इस वर्ष अपने संन्यास का स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहे हैं। उन्होंने 50 वर्ष तक अखंड संन्यास धर्म का निर्वाह करते हुए संन्यास स्वर्ण दीक्षा वर्ष 2026 में प्रवेश किया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले 5 दशकों में पूज्य संत श्री ने देश-विदेश में सहस्राधिक श्रीमद् भागवत कथा, श्री राम कथा, शिव महापुराण, नानीबाई का मायरा एवं हनुमान चरित्र के माध्यम से वैदिक सनातन संस्कृति, राम-नाम एवं मानवीय मूल्यों का प्रचार कर सम्पूर्ण भारत में धर्म की अलख जगाई है। प्रखर ओजस्वी वक्ता के रूप में लाखों श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ा है।
गौरतलब है कि पूर्व में 2012 में भारत-नेपाल मैत्री सद्भाव सम्मान हेतु विश्व के 43 लोगों का चयन किया गया था। भारत से आमंत्रित 5 हस्तियों में पूज्य गुरुदेव भी शामिल थे, जिन्हें विश्व शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा प्रदान किया जाना था, परंतु चातुर्मास प्रवास के कारण पूज्य गुरुदेव सम्मान प्राप्त करने जा नहीं पाए थे बाद में जोधपुर रामद्वारा आकर जूरी मेंबर ने विशेष रूप से संत श्री को सम्मानित किया था।

साथ ही गौ सेवा अनाथ बच्चों की सेवा कन्या विवाह बच्चों के शिक्षा सहयोग आदिवासी के परिजनार्थ सेवा कारगिल युद्ध में शहीद हुए परिजनों के सहायतार्थ प्रधान मंत्री सहायता कोष में भी अपनी सेवाएं समर्पित की है तथा भागवत कथा का आयोजन सेंट्रल जेलों में करने के साथ करीब 23 जेलों में कैदियों के उत्थान हेतु प्रवचन दिये इसके साथ ही कई श्मशान पर प्राणियों की मुक्ति हेतु भगवत कथा का परायण करवाया।

संन्यास स्वर्ण जयंती वर्ष में संत श्री के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार एवं गौ-सेवा के विशेष प्रकल्प प्रारंभ किए गए हैं। यह सेवा-क्रम पूरे वर्ष सतत जारी रहेगा।
पूज्य संत श्री प्रतिवर्ष चातुर्मास का निर्वाह करते हुए पंढरपुर, अमरकंटक, हरिद्वार, प्रयागराज, अयोध्या जैसे तीर्थों में चतुर्मास कर चुके है इस वर्ष जुलाई 2026 में नेपाल के काठमांडू में चातुर्मास होगा जहाँ सनातन धर्म की गंगा चार माह तक अनवरत चलेगी।
इनमें हैं भारी खुशिया :-

इस उपलब्धि पर श्री हरिमानव परमार्थ सेवा संस्थान के अनिल झालानी ,शांता बाई साखला ,डॉ मुल्कराज पंजाबी, प्रकाश परमार ,अशोक देवड़ा, कान्हा पटेल, अनिल पुरोहित ,संजय सोनी ,महेश शर्मा ,राघव पंड्या, तारा सांखला, तुलसी पटेल, सीमा सांखला ,रानी परमार ,अर्चना यादव, आयुषी जलज सांखला, प्रेमलता देवड़ा ,वंदना अनिल पुरोहित ,धीरज पांड्या , राखी व्यास, चेतन पटेल ,नकुल राठौड़ ,आदि ने हर्ष व्यक्त किया है ।