जिद्द और अविश्वास का (अ)विराम!!!     (डॉ प्रदीपसिंह राव वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय विश्लेषक)  

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जिद्द और अविश्वास का (अ)विराम!!!     (डॉ प्रदीपसिंह राव वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय विश्लेषक)  

जिद्द और अविश्वास का (अ)विराम!!!     (डॉ प्रदीपसिंह राव वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय विश्लेषक)  

Update24x.in:-

रतलाम। युद्ध विराम की अंतिम तिथि को एक बार फिर सीज फायर जारी रखा है।अमेरिका पाकिस्तान के  बीच वार्ता का दूसरा दौर शुरू होगा।पाकिस्तान के राष्ट्रपति शाहबाज शरीफ के कहने पर युद्ध विराम रोका गया है।ऐसा ट्रंप का कथन है।युद्ध विराम की कोई सीमा नहीं है।जब तक कोई समाधान नहीं निकलता, युद्ध विराम रहेगा।लेकिन हॉर्मूज में अमेरिका द्वारा नाकेबंदी बनी रहेगी। अमेरिका अभी भी ईरान से  जुड़े जहाजों को जब्त कर रहा है। दो जहाज कब्जे किए हैं।हॉर्मूज के बाद एक टैंकर का  ईरानी जहाज लाल सागर में जब्त किया है,इसलिए ईरान को भरोसा नहीं है,नाकेबंदी युद्धविराम के रस्ते में सबसे बड़ी बाधा है,यह अमेरिका की चाल है,ताकि वह बड़ी तैयारी के साथ ईरान पर हमला कर सके।ईरान इस नाकेबंदी का जवाब हर तरह से  देगा।युद्धविराम और वार्ता का कोई अर्थ नहीं है।  

   भारत भी उतरा अरब सागर  में युद्ध पोतों के साथ:- 

 

         भारत ने अपने भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए सात युद्ध पोत अरब  की खड़ी में  उतार दिए हैं ताकि उनका बचाव हो सके।अब आगे क्या होगा?सारी दुनिया तनाव में है कि अब आगे समझौता होगा या युद्ध?विशेषज्ञों का मंतव्य है कि  इस्लामाबाद में वार्ता जारी होगी ।उपराष्ट्रपति जे डी वेंस इस्लामाबाद में रुकेंगे और ईरान के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे।                      (  ट्रंप पर आर्थिक तनाव का बढ़ता दबाव )।   उधर अमेरिका में  जनता ट्रंप की युद्ध नीति के  विरुद्ध सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं।67%लोग ट्रंप की  नीतियों के  विरुद्ध प्रदर्शन कर रहे हैं ।  

  ट्रंप खुद ईरान से सीधे बात करने को तैयार:-

    यदि वार्ता में डील फाइनल होने की कगार पर आई तो ट्रंप खुद पाकिस्तान जाएंगे।यदि दूसरे दौर की वार्ता में कोई गति न आई और ईरान भी जिद्द पर अड़ा रहा तो अमेरिका बड़ी तैयारी के साथ इस बार ईरान पर आरपार की जंग में उतर जाएगा।इसके लिए उसने रणनीति बना ली है।लेकिन चीन की  भी तैयारी हैऔर वह इस बार  हॉर्मूज को ले कर खुल कर ईरान के साथ आयेगा।    

 वैश्विक बाजार में अनिश्चितता का साया:-

 अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के भाव फिर बढ़ गए हैं और अनिश्चितता के माहौल में और भी वस्तुओं के दाम बढ़ जाएंगे।अब कोई  बहुत बड़ी घटना ही किसी विराम पर  पूर्ण विराम लगाएगी।