ट्रंप ने पीटा जीत का ढोल,छुपा रहे अपनी ही पोल!!(डॉ प्रदीपसिंह राव वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय राजनीति विश्लेषक)
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ट्रंप ने पीटा जीत का ढोल,छुपा रहे अपनी ही पोल!!(डॉ प्रदीपसिंह राव वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय राजनीति विश्लेषक)
Update24x.in:-
रतलाम। जीत की एक तरफा जिद्द की महाजंग के 32दिन गुजर गए हैं,, अचानक जैसे युद्ध करने वाला ही खुद सफेद झंडा लहरा कर बोल रहा हो कि रुक जाओ,रुक जाओ!!! खेल में तो मैच ड्रॉ होते बहुत देखे हैं लेकिन युद्ध में पहली बार ड्रॉ जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं।दो पहलवान आपस में लड़ते लड़ते थक कर खुद ही एक दूसरे के कंधे पर सिर रख देते हैं ,ऐसा दिखने, लगने लगा है।हालांकि ईरान तो किसी ड्रॉ पर भी राज़ी नहीं। लगातार हमले जारी हैं । दुनिया को हर सुबह अमेरिका की ओर से "अचरज "भरे बयान सुनना मिलते हैं!!ट्रंप की बातों पर खुद ट्रंप को ही विश्वास नहीं होता।अमेरिका की जनता ने उनके ही निर्णयों के विरुद्ध जंगी प्रदर्शन करके उन्हें आईना दिखा दिया है।
ट्रंप एक कदम आगे तो कभी चार कदम पीछे:-

अपने हजारों सैनिकों को खाड़ी में भेजकर वो ऐसा सिद्ध कर रहे हैं कि वो लड़ने नहीं,ईरान पर जीत के बाद कब्जा ही करने जा रहे हैं।उनका यह बयान चौंकाने वाला है कि अब युद्ध समाप्ति की ओर है और ईरान के पास कुछ बचा ही नहीं है!!इस खबर से तो पूरे विश्व को खुश हो जाना था कि युद्ध समाप्त हो गया है।लेकिन ट्रंप पर वैश्विक बाजार को भी भरोसा नहीं रहा। तेल, गैस के दाम और बढ़ गए।सेंसेक्स धड़ाम से गिर रहा।दुनिया में महंगाई का हाहाकार मचा ही हुआ है। मध्यम वर्ग गैस,तेल के लिए व्यथित हो रहा है। ट्रंप की एकतरफा घोषणा है कि हमने अब तक के सबसे कम समय में युद्ध जीत लिया और परमाणु ठिकाने नष्ट कर दिए।ऐसा कर वो खुद अपनी पीठ ठोक रहे ! बार बार कहते हैं कि ईरान की जल और वायु सेना की शक्ति खत्म कर दी है।ईरान में सत्ता परिवर्तन कर दिया। हमारा उद्देश्य पूरा हो गया!!!!
(ईरान का कहना ट्रंप जो कुछ बोल रहे वो सच नहीं,अबएक भी सैनिक घुसा तो टांग काट देंगे!!!!!)

ईरान बोल रहा ऐसा कुछ भी नहीं है और उसके पास वो सब है,जिसे अमेरिका खत्म बता रहा।ईरान के सैनिकों को निर्देश हैं कि यदि अमेरिका का एक भी सैनिक ईरान में जितने भी सैनिक कदम रखे तो उनके पैर काट डालो! अमेरिका कुछ समझ ही न पा रहा करे तो क्या करे,ईरान के जज्बे को वो आज भी पस्त न कर पाया है।ट्रंप इस युद्ध में इतने उलझ गए हैं कि निकलने का रास्ता नजर न आ रहा।वो यह नहीं बता रहे कि युद्ध विराम हो गया है,वो यह भी न बता रहे कि और कितने दिन बाद पूरी तरह युद्ध समाप्त हो जाएगा। अब बोल रहे कि होमरुज से उनका कुछ लेना देना ही नहीं।जिनके तेल,गैस की आवाजाही होती है वो खुद सुरक्षा करें। कभी कहते ओमान,कतर,बात कर रहे।कभी पाकिस्तान शांति वार्ता कर रहा,कभी बोल रहे पाक चीन ने 5सूत्रीय समझौता फार्मूला बनाया है।
ये कैसा पांच सूत्री फार्मूला,क्या ट्रंप मानेंगे:-

पांच सूत्र पर बीजिंग में पाक चीन शीर्ष अधिकारियों ,मंत्रियों ने मिलकर प्रस्ताव बनाया है।इनमें
1.तत्काल युद्ध विराम
2.शांति वार्ता शीघ्र
3.नागरिकों की सुरक्षा
4.जहाजरानी,परिवहन की सुरक्षा और
5. संयुक्त राष्ट्र संघ के छात्र के अनुसार पालन।
क्या कोई भी यह मानेगा।ईरान के लिए चीन और पाक विश्वसनीय हैं लेकिन अमेरिका अपना फायदा ढूंढेगा।मिडिल ईस्ट पर उसका वर्चस्व वैसा ही बना रहे और तेल गैस पर उसका नियंत्रण बना रहे।ईरान कभी परमाणु ताकत बनने की कोशिश न करे। ऐसी शर्तें अमेरिका रखेगा। इसलिए यह कहना कि मध्य पूर्व संकट टल गया है,अभी बहुत जल्दबाजी होगी,अमेरिका और भी बड़ा सोच सकता है,क्यों कि उसे अपने देश और दुनिया को जवाब देना है कि इस युद्ध से अमेरिका को ठोस क्या हासिल हुआ!!!!!!!।यह भी सत्य है कि कोई युद्ध "अंतहीन "नहीं होता।यह समाप्त तो होगा ,आज नहीं तो कल।