रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र में आगजनी, पुरा सामान जलकर हुआ राख
latestnews--hindi-samachar-ratlamnews-390
रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र में आगजनी, पुरा सामान जलकर हुआ राख
लगभग 4 घंटे मे हुआ आग पर काबू
Update24x.in:-
रतलाम। रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र में उसे समय हड़कंप मच गया जब एक फैक्ट्री से आग की लपटे निकलना शुरू हुई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा सामान आग के हवाले हो गया। आगजनी में लाखों का नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
रतलाम के टैंकर रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में स्थित ए आर के फेब्रिकेशन फैक्ट्री में से आग की लपटे निकलने लगी तो क्षेत्र में रहने वाले श्रमिक बस्ती के लोगों ने फैक्ट्री के मैनेजर महेंद्र सिंह गौड़ को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे श्री गौड़ ने तत्काल फैक्ट्री का गेट खोला और देखा कि आग की लपटे निकल रही है तो उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी और आग बुझाने का काम शुरू हो गया।
लकड़ी और प्लाईउड़ हुई राख :-

फैक्ट्री के मैनेजर श्री गॉड ने बताया कि फैक्ट्री के अंदर दो भाग हैं एक भाग में लोहे का काम होता है और इसी फैक्ट्री के परिसर में प्लाई और लड़कियों का काम होता है। इस भाग में ऑर्डर के कई सामान बने हुए पड़े थे और बड़ी मात्रा में प्लाई और सागवान के सामान और लड़कियां पड़ी हुई थी जो पूरी तरह से जल गई है।आगजनी का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
चंद्रचूड़ सिंह राठौर की है फैक्ट्री :-

सूत्रों की माने तो फैक्ट्री संचालक निराला नगर निवासी चंद्रचूड़ सिंह राठौर है,ओर घटना के दौरान श्री राठौर अहमदाबाद किसी काम से गए हुए थे, जैसे ही उन्हें आगजनी की सूचना मिली वे तुरंत ही उपलब्ध साधन से रवाना हो गए ,लेकिन तब तक पूरा सामान जल कर राख हो चुका था। एक मोटा मोटा हनुमान लगाया जा रहा है की करीब 50 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है क्योंकि आगजनी की तीव्रता इतनी थी की मशीन और पूरा शेड जल चुका था। आगजनी को कंट्रोल करने के लिए जेसीबी मशीन को बुलाना पड़ा तब कही उलआग पर काबू पाया गया।
दो तरफ से लगे फायरफाइटर :-

फैक्ट्री में आज की सूचना मिलते ही नगर निगम की दमकलें तो पहुंची ही साथ ही इफ़्का लैबोरेट्री की फायर लॉरी भी मौके पर पहुंची और एक तरफ से इफ़्का की फायर लॉरी तो दूसरी ओर से नगर निगम की फायर फाइटर पानी की बौछारें करके आग कों कंट्रोल कर रही थी करीब 7 से 8 फायर फाइटर आग बुझाने में लगे।
सूझबूझ से फैक्ट्री का दूसरा भाग बाल- बाल बचा :-

ए आर के फैक्ट्री में दो पोर्शन में काम होते है, एक तरफ लोहे का तो दूसरी तरफ फर्नीचर का होता है। फायर ब्रिगेट के कर्मचारियों ने फैक्ट्री के दोनों ओर से पानी की बौछारें कर दूसरी फैक्ट्री को आज के हवाले होने से बचा लिया गया।बताते है कि दूसरी फैक्ट्री में लाखों की मशीनें लगी थी और वे बाल बाल बच गई।