डॉ वैदिक की वैश्विक बंधुत्व की विचारधारा आज भी प्रासंगिक है: डॉ राव

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डॉ वैदिक की वैश्विक बंधुत्व की विचारधारा आज भी प्रासंगिक है: डॉ राव

डॉ वैदिक की वैश्विक बंधुत्व की विचारधारा आज भी प्रासंगिक है: डॉ राव

पुण्य तिथि पर सुधिजनों ने किया स्मरण:   

Update24x.in:-

  रतलाम। प्रखर चिंतक ,पत्रकार डॉ वेदप्रताप वैदिक की तीसरी पुण्य तिथि पर नगर के प्रबुद्ध जनों ने आत्मीय स्मरण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।इस अवसर पर उनके शिष्य वरिष्ठ लेखक डॉ प्रदीपसिंह राव ने कहा कि "डॉ वैदिक की रतलाम से जुड़ी अनेक स्मृतियां हैं,उनके ज्वलंत मुद्दों पर प्रखर व्याख्यान आज तक  कोई  भूला नहीं है।विश्व राजनीति में   डॉ वैदिक सारी दुनिया के विख्यात  समीक्षक  थे। हर देश के साथ भारत के लिए उनकी भूमिका सेतु के समान थी । दक्षिण एशिया की जनता  की आपसी समरसता और सरोकार के  लिए वो "जन - दक्षेस  " की स्थापना करना चाहते थे , जो उनका  अमूल्य विचार था।" उपस्थित समस्त बुद्धिजीवियों की सहमति से निर्णय लिया गया कि वैदिक जी के विचारों के अनुरूप "डॉ  वेदप्रताप वैदिक विचार मंच" स्थापित किया जाए। डॉ राव ने करतल ध्वनि के बीच इस मंच के गठन की घोषणा की।भविष्य में रूपरेखा तैयार करने के बाद विस्तृत रूप दिया जाएगा। डॉ  मुरलीधर चांदनी वाला ने डॉ वैदिक के कृतित्व पर प्रकाश डाला और आज की  विकट अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में  उनके विचारों के अभाव को रेखांकित किया।

ये रहे उपस्थित:-

इस सभा मे प्रख्यात साहित्यकार डॉ मुरलीधर चांदनीवाला के अतिरिक्त शिक्षा विद श्रीमती सुलोचना, शर्मा,कानूनविद शाबा खान, पर्यावरणविद डॉ खुशाल सिंह पुरोहित, इतिहासविद श्री नरेंद्रसिंह  पंवार , प्राचार्य  डॉ श्रीमतीं   मंगलेश्वरी जोशी , राजनीतिज्ञ  मयूर पुरोहित,श्रीमती देवश्री पुरोहित,साहित्यकार  मोहन परमार,  सेवा वीर परिवार के  श्याम सुंदर भाटी,  केंद्रीय अधिकारी नेता  ईश्व लाल पुरोहित, शिक्षक मंच के  गोपाल जोशी, नरेंद्र सिंह राठौर, संघ सेवक  राजेश पांचाल, संजय पाण्डे,पूर्व शिक्षिका श्रीमती ऊषा सिंह राव आदि उपस्थित थे। संचालन डॉ नरेंद्रसिंह  पंवार ने किया आभार  नरेंद्र सिंह राठौर ने माना।