आधा ईरान जमीन के अंदर बस गया है(डॉ प्रदीपसिंह राव वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक विश्लेषक

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आधा ईरान जमीन के अंदर बस गया है(डॉ प्रदीपसिंह राव वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक विश्लेषक

आधा ईरान जमीन के अंदर बस गया है(डॉ प्रदीपसिंह राव वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक विश्लेषक)  

Update24x.in:-

    रतलाम ।  ईरान पर अमेरिका इजरायल ने अब तक 50000 से अधिक बम  गिरा दिए हैं,लेकिन ईरान का बाल भी बांका नहीं हुआ है। सबसे भारी B 52 बॉम्बर से हमले से भी ईरान का कुछ न बिगड़ा।ईरान का प्रागैतिहासिक काल से ही ज्वालामुखी से बनी हजारों कंदराएं (गुफाएं)बनी हुई हैं।

 ईरान में प्राकृतिक रूप से हजारों गुफाएं बनी हुई हैं :-

      लगभग 2500 ज्ञात गुफाएं है और 5000 अज्ञात गुफाएं हैं।अभेद बंकर बने हुए हैं जहां यूरेनियम से परमाणु बम बन  रहे हैं।अमेरिका के बंकर ब्लास्टर बॉम्ब भी कुछ न कर पा रहे हैं।ईरान को कुदरती कवच प्राप्त है।दुर्गम दर्रे बने हुए है।रेगिस्तानों के  लम्बे मैदान हैं।ईरान के पास अवसादी गुफाओं का प्राकृतिक भंडार है,जो पानी से बनी हैं। (अज्ञात गुफाओं का वरदान) होती और कमरबंद  जैसी गुफाएं है जो फारस की खाड़ी में हजारों साल पहले बनी हैं।अलीसदर,कोराफ्टू,मेहरबंद जैसी घड़ी गुफाएं हैं जो सैंकड़ों मीटर अंदर तक जात हैं। ईरान के शासन प्रमुख,सेना,परमाणु संयंत्र,पनडुब्बियां, मैक्सिटों बोट्स,खानपान और लक्जरी रूम्स सब कुछ बना हुआ है,जो किसी भी बम या जासूस के बस से दूर है।अमेरिका से युद्ध की लंबाई का कारण परमाणु बम का निर्माण है।यदि अमेरिका  इसी तरह लड़ता रहा तो,ईरान भी परमाणु हथियार बना लेगा।

सब कुछ पाताल लोक में छुपा है:-

   उसके  ड्रोन,मिज़ाइल सब जमी के अंदर से आते रहेंगे।इसलिए अमेरिका इजरायल थक जाएंगे,लेकिन ईरान का अस्तित्व मिटा न पाएंगे।भारत के लिए यह अच्छा है कि रूस  और ईरान दोनों से उसे तेल गैस मिलते रहेंगे।यह हमारी सफल विदेश नीति का परिणाम है।