संयमित जीवन के मसीहा: बलभद्रसिंह ( 96वा जन्मदिन)
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संयमित जीवन के मसीहा: बलभद्रसिंह ( 96वा जन्मदिन)
Update24x.in:-
रतलाम । रतलाम में ऐसे गिनती के ही वरिष्ठतम नागरिक होंगे जिनकी उम्र 95वर्ष के ऊपर होगी। बलभद्र सिंह राव पोस्ट एंड टेलीग्राफ की केंद्रीय नौकरी में रतलाम जीपीओ से ASP पद से निवृत्त हुए थे।उन्होंने पोस्ट मास्टर,इंस्पेक्टर और उप अधीक्षक पद पर रहते हुए डाक विभाग को लंबी सेवाएं दीं ।
पूरी नौकरी साइकिल चला कर और मिलों पैदल चल कर दौरे किए।जिले के गांव - गांव के डाक विभागों मे इंस्पेक्शन करते थे।
श्री राव ने कर्मचारियों के हितार्थ डाक मनोरंजन क्लब की स्थापना की थी जो आज भी कई शहरों में स्थापित है।
बॉलीबॉल के चैम्पियन...... पिपलौदा के विकास क्लब के संस्थापक सदस्य रहे श्री राव कई वर्षों तक बॉलीबॉल खेलते रहे और टूर्नामेंट जीते।डाकघरों में यह खेल हर जगह लोकप्रिय किया।
रतलाम में कई वर्षों तक स्पर्धाएं के होती रहीं। (सरदार पटेल से मिलने वाले एक मात्र जीवित व्यक्ति) उल्लेखनीय है कि बलभद्र सिंह राव ने आजादी के आंदोलन में भूमिगत रह कर आंदोलन किए,और हस्तलिखित पुस्तकें लिखीं।
सरदार पटेल से दिल्ली जा कर मिलने वाले उस ज़माने के वो इस जिले के एकमात्र जीवित व्यक्ति हैं।
अपने बड़े भाई (डॉ डी एस राव, पिपलौदा के पहले MBBS डॉक्टर) के साथ 1947/48 में सरदार पटेल से दिल्ली जा कर मिलने वाले उस ज़माने के वो इस जिले के एकमात्र जीवित व्यक्ति हैं।आज 95वर्ष पूर्ण करने के बाद भी वो आत्मविश्वास के साथ स्वस्थ हैं।उनके बेटे प्रसिद्ध लेखक डॉ प्रदीपसिंह राव ने बताया कि बापूजी बहुत अच्छे लेखक,कवि ,चित्रकार,गायक और मंच संचालक रहे हैं।नीरज,बालकवि बैरागी, शिवमंगल सुमन,संतोषानंद,काका हाथरसी और मालवी भाषा के लोकप्रिय कवियों के साथ मंच साझा कर चुके हैं। मेरे मामा जी मालवा के सुप्रसिद्ध कवि" स्व गिरिवर सिंह भंवर" उनके बहुत अज़ीज़ रहे।हम सब उनके शतायु होने की कामना करते हैं।