डर्टी "बनाम "ग्रेविटी "महा विनाशक बम गिरने की तैयारी(डा प्रदीपसिंह राव, वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक विश्लेषक)
latestnews--hindi-samachar-ratlamnews-390
डर्टी "बनाम "ग्रेविटी "महा विनाशक बम गिरने की तैयारी(डा प्रदीपसिंह राव, वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक विश्लेषक)
Update24x.in:-
रतलाम।अमरीका द्वारा ईरान पर किए गए हमले के 5वे दिन तक भी ईरान ने घुटने टेके नहीं हैं।लगभग पूरे ईरान पर 2000किलो से भी अधिक वजनी सैकड़ों बम और 1000किलो से अधिक के बजनी लेजर गाइडेड बीमों की वर्षा से ईरान की छाती चलनी हो चुकी है।जल और वायु सेना को लगभग ध्वस्त कर चुके अमेरिका को फिर भी अचरज यह है कि ईरान पीछे नहीं हट रहा और नए धार्मिक सुप्रीमो खोमनेई के बेटे मौज़तबा खोमनेई की ताजपोशी करने जा रहा है।
अमेरिका के रक्षा मंत्री पिट हेगसेथ ने कहा है कि ट्रंप तय कर चुके हैं कि ईरान पर सबसे खतरनाक हमले शुरू किए जाएं।अब "प्रिसिजन ग्रेविटी बमों के असीमित भंडार का उपयोग होगा।
क्या होता है ग्रेविटी बम;-

यह एक परम्परागत न्यूक्लियर बम होता है,जो हिरोशिमा,नागासाकी पर गिराए बमों जैसा ही है। इसमें खतरनाक यूरेनियम,टाइटेनियम भरी मात्रा में भरा होता है।अब आधुनिक ग्रेविटी बम एयर क्राफ्ट से गिराए जाते है जो उसकी तेज गति और गुरुत्वाकर्षण से टारगेट खोज लेते हैं। ये 'अन गाइडेड" बम होते हैं।जो छोटे से छोटे क्षेत्र से लेकर बड़े से बड़े कई किलोमीटर तक तबाही मचा देते हैं। ये भीषण आग उगलते हुए मोटे मोटे बंकर भी तोड़ देते हैं।
ईरान का खतरनाक प्रयोग" डर्टी बम":-

इधर अकेले ईरान 3000किमी तक मिसाइल से हमले की क्षमता रखता है।साइप्रस को भी हिला कर रख दिया।ईरान के राष्ट्रपति खुद कह रहे हैं कि" ईरान इजरायल और अमेरिका को मरते दम तक न छोड़ेगा,उन्होंने हमारे महान धार्मिक नेता की हत्या की है और सैकड़ों निर्दोष मासूम बच्चियों को स्कूल पर हमला करके मारा है।"अब ईरान ने धमकी दी है कि वह ऐसे "डर्टी बम" गिराएगा जो अमेरिका और इजरायल सहित उनके पिछलग्गुओं की कमर तोड़ देगा।ईरान के पास लगभग ,400किलोग्राम अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम है,जो 60%तक संवर्धित है,यदि यह 90%तक संवर्धित कर लिया गया तो खतरनाक डर्टी बम तैयार हो जाएगा।
दम घुट घुट कर मर जाएंगे लाखों लोग:-

डर्टी बम "रेडियो लॉजिकल डिस्पर्सल डिवाइस"RDD होता है।यह परमाणु बम नहीं होता।लेकिन रेडियो धर्मीय,विकिरण से करंट के झटके,गर्मी,दबाव और धूल के अरबों खरबों कण फैल जाते है जो पूरे शहर और नागरिकों को चपेट में ले लेते है और साइलेंट मौत दम घुटने से होती है।हर चीज जहर बनती जाएगी,पानी भोजन, हवा , ईंधन सब बर्बाद।इससे आर्थिक नहीं, व्यक्तिगत क्षति ,सामूहिक हत्या होगी ।इसलिए इसे डर्टी बम कहते हैं।
इसे कोई एंटी मिसाइल, कवच रोक न सकेगी। क्यों कि हवा मे गिराने से यह और फैल जाएगा।आज तक इसका उपयोग नहीं हुआ है।
ट्रंप क्या मानवता से ऊपर उठ कर हैं;-

यदि ईरान ने यह कर दिखाया तो यह इस सदी की सबसे बड़ी त्रासदी होगी।
ईरान युद्ध अब अमेरिका इजरायल की अतिवादितता के कारण अगले चरणों में मानवाधिकारों के भारी हनन तक भी पहुंच सकता है। ईरान को जाने के लिए क्या कोई माई का लाल आगे न आ सकता। यदि ऐसा न हुआ तो मानव अस्तित्व की लड़ाई शुरू हो सकती है। आश्चर्य है कि सारा विश्व अपनी ही तबाही का तमाशा देख रहा है,,,,!!! ट्रंप क्या हैं,, कोई अवतार या इस युग के हिरण्य कश्यप???