अटल शिखर   के  प्रचंड व्यक्तित्व अजर अमर अटलबिहारी  वाजपेई (डॉ प्रदीपसिंह राव,वरिष्ठ राजनीति विश्लेषक) 

latestnews--hindi-samachar-ratlamnews-390

अटल शिखर   के  प्रचंड व्यक्तित्व अजर अमर अटलबिहारी  वाजपेई (डॉ प्रदीपसिंह राव,वरिष्ठ राजनीति विश्लेषक) 

अटल शिखर   के  प्रचंड व्यक्तित्व अजर अमर अटलबिहारी  वाजपेई (डॉ प्रदीपसिंह राव,वरिष्ठ राजनीति विश्लेषक) 

Updatr24x.in:-⁶

रतलाम।    कदम मिला कर चलना होगा....... "बाधाएं  आती हैं आएं,घिरे प्रलय की  घोर घटाएं,पावों के नीचे अंगारे,सर पर बरसें यदि ज्वालाएं,निज हाथों में हंसते _हंसते,आग लगा कर जलना होगा कदम मिला कर चलना होगा........ पूर्व प्रधान मंत्री,भारतीय जनता पार्टी के शलाका पुरुष,उद्भट विद्वान और ओजस्वी वक्ता अटल बिहारी वाजपेयी का कोई सानी नहीं है,,,,,,आज भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है,भारत के अधिकांश राज्यों और संसद में जिसका परचम लहरा रहा है,,इसका श्रेय शून्य से शिखर तक अटल जी को जाता है।आज उनकी जन्म शताब्दी है इसलिए पूरा राष्ट्र उनके प्रति श्रद्धा से कृतज्ञ है। (52वर्ष का दीर्घ  राजनीतिक कार्यकाल)15वर्ष की उम्र से जनसंघ में शामिल हुए और 1957में पहली बार संसद में चुने गए। 1967से 2004तक 9बार लोकसभा के लिए चुने गए ।पहली बार 1996में 13दिन प्रधान मंत्री रहे,दूसरी बार 1998में 13महीने प्रधानमंत्री रहे।तीसरी बार 1999से 2004तक पूरे कार्यकाल तक प्रधान मंत्री रहे।यानी  कुल  छः वर्षप्रधान मंत्री रहे।यही नहीं वो 16साल तक विपक्ष में नेता रहे और 1957से 2009 तक (52वर्ष तक) सांसद रहे।पंडित नेहरू से ले कर  मनमोहन सिंह तक वो संसद के कद्दावर नेता रहे। 2014में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने,और भाजपा, एनडीए की सबसे बड़ी जीत हुई तब तक अटल जी गंभीर अस्वस्थ  हो चुके थे और सक्रिय राजनीति से संन्यास ले चुके थे। 2014में उनके जन्मदिन को "सुशासन दिवस"मनाने की घोषणा की गई। 2015में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।25दिसंबर1924को ग्वालियर मध्य प्रदेश में जन्मे अटल जी ने 16अगस्त 2018को अंतिम सांस ली।     (अभूत पूर्व उपलब्धियां)अटल जी ने पोखरण में परमाणु परीक्षण कर के पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया था,आज भारत का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बन गया है।,स्वर्णिम चतुर्भुज योजना,प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना,नदी जोड़ो योजना,वित्तीय अनुशासन,दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट और सार्क देशों को सड़क से जोड़ने कीBBN समझौता उनकी महान कल्पना रही है।(कविताएं और पुस्तकें)।            अटल जी ने 1957से लेकर 1999तक अनेक कविताएं लिखी जो जोश से ओतप्रोत कर देती हैं।जगजीत सिंह के साथ उनकी कविताओं का एल्बम भी निकला।संसद में उनके ओजस्वी भाषणों में कविता का पुट पक्ष विपक्ष को गुदगुदा देता था।उन्होंने विदेश नीति पर भी पुस्तकें लिखी।"वर्तमान के  मोह जाल में,आनेवाला कल न भुलाएं,आगे फिर से दिया जलाएं!!"