देख तेरे इंसान की हालत क्या हो गई भगवान...!!(राष्ट्र कवि प्रदीप का पुण्य स्मरण: डॉ प्रदीपसिंह राव)

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देख तेरे इंसान की हालत क्या हो गई भगवान...!!(राष्ट्र कवि प्रदीप का पुण्य स्मरण: डॉ प्रदीपसिंह राव)

देख तेरे इंसान की हालत क्या हो गई भगवान...!!(राष्ट्र कवि प्रदीप का पुण्य स्मरण: डॉ प्रदीपसिंह राव)

Update24x.in:-

रतलाम। रतलाम के लिए यह बेहद गर्व का विषय है कि आजादी के जोशीले गीतों को लिखने और ओजस्वी आवाज मे पूरे देश में घर घर में स्वतंत्रता संग्राम की लहर  स्पंदित करने वाले राष्ट्र कवि प्रदीप हमारे ही बडनगर के थे।

रामचंद्र नारायण त्रिवेदी(प्रदीप)जी  06फरवरी,1915 में एक साधारण  से ओ दीच्य ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता नारायण भट्ट एक बेहद ईमानदार  अनुशासित  व्यक्ति थे।प्रारंभिक जीवन बडनगर में गुजरा फिर लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक किया। 1939 में प्रसिद्ध कवि गिरिजाशंकर दीक्षित  ने उन्हें दीक्षा दी और कविताएं पढ़ने के अवसर दिए। 1942 में उनका विवाह सुभद्रा बेन से हुआ।  दो बेटियां,सरगम ,मितुल हैं।

शिक्षक के रूप में नौकरी करते हुए मंच के लिए उन्हें कवि प्रदीप के रूप मे पहचान मिली।फिर आजादी के संग्राम का जोश चढ़ गया। 1939में ही बम्बई के एक कवि सम्मेलन में उन्हें सुनने के बाद  हिमांशु राय की फिल्म "कंगन"में पहली बार 4गीत लिखने का अवसर मिला।अशोक कुमार और लीला चिटनिस का अभिनय था।प्रदीप ने 4में से तीन गीत खुद ने गाए।जो लोकप्रिय हुए। 1940 में बंधन फिल्म से उन्हें जो पहचान मिली तो फिर वो परवान पर चढ़ते गए,"चल चल रे नौजवान"गीत  ने प्रदीप को बेहद लोकप्रिय कर दिया। प्रदीप के लिखे गीतों ने सेनानियों को अद्वितीय राष्ट्र भक्ति से ओतप्रोत किया  और देश आजाद भी हो गया।राष्ट्र नेताओं से भी ज्यादा प्रदीप लोकप्रिय हो गए। ' दे दी हमे आजादी बिना खड्ग बिना ढाल,, ए मेरे वतन के लोगों,,जैसी रचनाएं कालजई बन गई।उन्हें फिल्मों का सर्वोच्च सम्मान,दादा साहब फाल्के मिला।

फिल्म किस्मत का गीत,दूर हटो ए  दुनिया वालों के कारण अंग्रेज  भड़क गए थे,उन्हें भूमिगत होना पड़ा था।11दिसंबर ,1998 को अपने अंतिम समय तक तो प्रदीप घर घर का दीप बन चुके थे।1975की फिल्म संतोषी माता के गीतों ने प्रदीप को शोले से लोकप्रिय रिकॉर्ड पहचान दे दी।फिल्म सम्बन्ध का गीत, चल अकेला चल अकेला, उनकी स्मृति की गूंज है।72फिल्मों में 10700 गीत लिख कर वो भारत के अमर प्रदीप बन गए।नास्तिक फिल्म का गीत,देख तेरे इंसान की हालत क्या हो गई भगवान,कितना बदल गया इंसान,,,,।हर युग में प्रासंगिक रहेगा।