आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति ही पुरातन चिकित्सा है जिसका वर्तमान पूरा विश्व अनुसरण कर रहा हैं - डॉ. के. सी. पाठक 

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आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति ही पुरातन चिकित्सा है जिसका वर्तमान पूरा विश्व अनुसरण कर रहा हैं - डॉ. के. सी. पाठक 

आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति ही पुरातन चिकित्सा है जिसका वर्तमान पूरा विश्व अनुसरण कर रहा हैं - डॉ. के. सी. पाठक 

श्री बड़ा रामद्वारा में भगवान धन्वंतरि पूजन हर्षोल्लास के साथ मनाया एवं डॉक्टर सम्मान समारोह आयोजित किया गया ।


Update24x.in:- 

 रतलाम। श्री बड़ा रामद्वारा रतलाम पुरोहित जी का बास में श्री आत्म कल्याण रामविलास ट्रस्ट के तत्वावधान में भगवान धन्वंतरि पूजन का रामद्वारा महंत पुष्पराज महाराज के पावन सानिध्य में रखा गया ।

सौ वर्षों से अधिक कि परम्परा :-

रामद्वारा परिसर में भगवान धन्वंतरि पूजन 100 वर्ष से अधिक पुरानी परंपरा हे रामद्वारा के सप्तम महंत वैद्य रामविलास शास्त्री आयुर्वेदाचार्य देश की आजादी पूर्व रतलाम रियासत काल के राजवैद्य एवं इस क्षेत्र के प्रतिष्ठित वैद्य थे कई असाध्य रोगों उपचार करते थे । रामविलास शास्त्री द्वारा रतलाम सुलभ स्वास्थ्य चिकित्सा सामान्य व्यक्ति को मिल सके उसके लिए सन 1965 में ट्रस्ट रजिस्टर्ड करवाया गया जिसका वर्तमान संचालन किया जाता है जिस से सेकड़ो मरीज स्वस्थ लाभ से लाभान्वित होते हैं ।
कार्यक्रम को डॉ. के.सी. पाठक ने अपने उद्बोधन में  कहा कि   इस मिलावट के युग में मानव समाज विभिन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रसित हो रहें जिसके निदान के लिए जैविक पद्धति एवं वन्य संपदा संरक्षण अभियान चलाये जा रहे व पूरा विश्व आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति ही अनुसरण  की तरफ़ अग्रसर है , साथ ही पधारे हुए डॉक्टर एवं गणमान्य जनों आयुर्वेद पर अपने अपने विचार रखे ।

ये रहे उपस्थित :- 


कार्यक्रम में डॉक्टर नंदु शेखर ,डॉ. के सी पाठक, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. सुशील शर्मा, डॉ. दिनेश राव, डॉ. अरविंद उपाध्याय , डॉ.अरविंद शर्मा, के एन जोशी ट्रस्टी गोविंद काकानी, तुषार कोठारी, ध्यानदास रामस्नेही इत्यादि गणमान्य लोग पूजन में शामिल हुए ।